
उत्तराखंड ग्रोथ सेंटर: प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और व्यवसाय का नया इकोसिस्टम
प्रकाशन तिथि: 14 अप्रैल (बैसाखी विशेष) स्थान: ग्राम सभा नचोली, तहसील गजा, चंबा, टिहरी गढ़वाल
कॉलेज के दिनों में देखे गए एक स्वप्न और 12 वर्षों के गहन जमीनी शोध के बाद, इस 14 अप्रैल, बैसाखी के पावन अवसर पर ‘उत्तराखंड ग्रोथ सेंटर’ (Uttarakhand Growth Center) का विधिवत शुभारंभ किया जा रहा है।
हमारा प्राथमिक लक्ष्य पहाड़ के युवाओं को उनके ही गांवों में रहकर विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह मात्र एक संस्था नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के विकास को गति देने वाला एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (Complete Ecosystem) है।
हम उत्तराखंड के लिए कैसे उपयोगी हैं? (हमारे 5 प्रमुख कार्यक्रम)
उत्तराखंड के युवाओं और व्यापारियों को सीधे तौर पर सशक्त बनाने के लिए, हम 5 डिजिटल पोर्टल्स का एक नेटवर्क स्थापित कर रहे हैं। वर्तमान में इनमें से कुछ ट्रायल चरण में हैं, कुछ लॉन्च हो रहे हैं और मार्च 2027 तक यह पूरा इकोसिस्टम लाइव हो जाएगा:
- ई-कॉमर्स कोच (Ecommerce Coach): कौशल विकास की नई दिशा इस पोर्टल के माध्यम से हम उत्तराखंड के युवाओं को डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स (Amazon, Flipkart, Meesho आदि पर व्यापार) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। संपूर्ण पाठ्यक्रम का पारदर्शी विवरण यहाँ उपलब्ध होगा।
- ई-कॉमर्स एसपीएन (Ecommercespn.co.in): रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रशिक्षण के बाद सबसे बड़ी चुनौती काम मिलने की होती है। यह पोर्टल हमारे प्रशिक्षित युवाओं को सीधे ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स और जॉब्स (Remote Work) से जोड़ेगा। इसका लक्ष्य है कि युवा अपने गांव, अपनी पंचायत को छोड़े बिना आर्थिक रूप से पूर्णतः स्वतंत्र बन सकें।
- छानी (Chhani): ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का मूल आधार पर्यटन है। ‘छानी’ विशेष रूप से ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे (Homestay) को प्रमोट करने के लिए समर्पित प्लेटफॉर्म है, जो पलायन रोककर स्थानीय ग्रामीणों की आय सुनिश्चित करेगा।
- बी2बी मार्केट फाइंडर (B2BMarketFinder.com): स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार यह उत्तराखंड के निर्माताओं (Manufacturers) और शिल्पकारों के लिए एक B2B मार्केटप्लेस है। इसके माध्यम से राज्य के उत्पादक अपने उत्पादों को न केवल पूरे भारत में, बल्कि वैश्विक बाजार (Global Market) में भी आसानी से बेच सकेंगे।
- उत्तरांचल टाइम्स डॉट कॉम (UttaranchalTimes.com): जागरूकता और नीति विश्लेषण यह पोर्टल कौशल और व्यवसाय विकास पर केंद्रित प्रत्येक सरकारी नीति की गहराई से जानकारी देगा। साथ ही, उत्तराखंड के प्रबुद्ध जनों के माध्यम से उन नीतियों का तथ्यात्मक विश्लेषण जनता तक पहुंचाएगा।
स्थानीय स्तर पर इस पहल की आवश्यकता क्यों पड़ी? (एक विश्लेषण)
‘विकसित भारत 2030’ और ‘विकसित उत्तराखंड 2030’ का स्वप्न तब तक साकार नहीं हो सकता, जब तक स्थानीय स्तर पर जवाबदेह प्रयास न किए जाएं। यदि हम शीर्ष स्तर की योजनाओं का आकलन करें, तो जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है:
- कौशल विकास योजनाओं की स्थिति: वर्ष 2015 से 2026 तक चले PMKVY (1.0 से 4.0) जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का धरातल पर वह प्रभाव नहीं दिखा, जिसकी अपेक्षा थी।
- नई शिक्षा नीति (NEP 2020) का क्रियान्वयन: 2020 से लागू इस नीति के तहत दून विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के 100 से अधिक डिग्री कॉलेजों को भारी फंड आवंटित किया गया, लेकिन शिक्षा प्रणाली में कोई दृष्टिगोचर या क्रांतिकारी बदलाव अब तक नहीं देखा गया है।
- राज्य स्तरीय नीतियां: ‘मुख्यमंत्री उद्यमिता योजना’ जैसी योजनाएं जिन्हें 5 वर्षों के लिए स्वीकृत किया गया था, उनका वास्तविक लाभ आम जनमानस तक किस रूप में पहुंचा, यह अभी भी अस्पष्ट है।
ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि नीतियां तब तक विफल हैं, जब तक उन्हें पंचायत और गांव के स्तर पर सही ढंग से लागू करने वाला तंत्र न हो। ‘उत्तराखंड ग्रोथ सेंटर’ इसी खाई को पाटने का एक समाधान है।
निष्कर्ष: मातृभूमि के प्रति एक संकल्प
हम जानते हैं कि व्यवस्थागत चुनौतियां बड़ी हैं और यह हमारा एक छोटा सा प्रयास है। लेकिन हमारा दृढ़ विश्वास है कि यदि हमारे ये सम्मिलित प्रयास इस राज्य की प्रगति और युवाओं के भविष्य निर्माण में मात्र 0.1% का भी सकारात्मक योगदान दे सके, तो हम स्वयं को अत्यंत भाग्यशाली मानेंगे। यह प्रयास हमारी मातृभूमि, हमारी देवभूमि उत्तराखंड की सेवा के प्रति हमारी अटल प्रतिबद्धता है।










